लेखनी
पुस्तकें
यह लेखन विद्वत्ता से नहीं, आवश्यकता से जन्मा है। जो अनुभव भीतर एकत्र होते रहे, वे शब्द बनकर बाहर आते गए।
यात्रा : दुःख से आनन्द की ओर
दुःख के प्रश्न पर, प्राचीन ज्ञान, आधुनिक विज्ञान एवं जिये हुए अनुभव के प्रकाश में, एक विनम्र और सम्पूर्ण विचार। पाँच खण्ड, बाईस अध्याय, ५०२ पृष्ठ।
शरणागति · जीवन के सबसे बड़े प्रश्न के उत्तर
समर्पण के विज्ञान पर एक वृहद् सन्दर्भ ग्रन्थ; सात खण्ड, इकहत्तर अध्याय, छह परिशिष्ट। निर्माणाधीन।
खोज · पदार्थ से परमात्मा तक
चेतना के रहस्य पर एक न्यूरोलॉजिस्ट की ईमानदार खोज; पदार्थ से चलकर उस सीमा तक, जहाँ भाषा धीमी पड़ने लगती है। सात सोपान, तेईस अध्याय।
भक्ति एवं ज्ञान · प्रेम से बोध तक, बोध से प्रेम तक
बोध और प्रेम, इन दो महाधाराओं के सम्बन्ध की गहन, श्रद्धापूर्ण यात्रा; तेरह खण्ड, एक सौ आठ अध्याय। निर्माणाधीन।